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नेतृत्व टीम

श्रीमती शिल्पा सचिन शिंदे, आई.ए.एस (ए.जी.एम.यू.टी: 2006)

श्रीमती शिल्पा सचिन शिंदे, आई.ए.एस (ए.जी.एम.यू.टी: 2006)

श्रीमती शिल्पा शिंदे भारतीय प्रशासनिक सेवा (आई.ए.एस.) की 2006 बैच की अधिकारी हैं और ए.जी.एम.यू.टी. (केंद्र शासित प्रदेश) कैडर से संबंधित हैं। इन्होंने गुलबर्गा विश्वविद्यालय, गुलबर्गा, कर्नाटक, भारत से कंप्यूटर विज्ञान और अभियांत्रिकी में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है। अपनी प्रतिष्ठित कैरियर में, इन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है, जिसमें शामिल है: श्रम आयुक्त, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार; आयुक्त एवं सचिव, विकास विभाग; मुख्य कार्यकारी अधिकारी, दिल्ली जल बोर्ड (डी.जे.बी.), राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार; प्रबंध निदेशक, दिल्ली परिवहन निगम; अतिरिक्त आयुक्त, नगर निगम दिल्ली (एम.सी.डी.); विशेष आयुक्त (परिवहन एवं पर्यटन); निदेशक, महिला एवं बाल विकास तथा सामाजिक कल्याण विभाग, दिल्ली सरकार। शहरी विकास, जल संसाधन और सामाजिक कल्याण के क्षेत्रों में अपने समृद्ध अनुभव के साथ, इन्होंने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में शासन और सेवा वितरण को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। अब वे वाप्कोस लिमिटेड का नेतृत्व करने के लिए तत्पर हैं और संगठन की भूमिका को अवस्थापना विकास, जल संसाधन और विद्युत क्षेत्र में परामर्श सेवाओं को, भारत और विदेश दोनों में, और अधिक सशक्त बनाने में आपना महत्वपूर्ण योगदान प्रदान करेंगी।

श्री अमिताभ त्रिपाठी

श्री अमिताभ त्रिपाठी

अट्ठावन (58) वर्षीय श्री अमिताभ त्रिपाठी 1 फरवरी 2025 से हमारी कंपनी के निदेशक (वाणिज्यिक एवं मानव संसाधन विकास) के रूप में कार्यरत हैं। वे वर्ष 1995 से हमारी कंपनी के साथ जुड़े हुए हैं। उन्होंने नागपुर विश्वविद्यालय से सिविल इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है। उन्‍हें भारत और विदेशों में जल संसाधन, विद्युत, और अवसंरचना विकास संबंधी परियोजनाओं की आयोजना, डिज़ाइन और कार्यान्वयन के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्‍त है। उन्‍हें जल विद्युत और पंप भंडारण परियोजनाओं के संबंध में संकल्पना से लेकर शुरूआ‍त तक के क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल है। वे हमारी कंपनी की व्यवसाय विकास गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं।

श्री प्रदीप कुमार अग्रवाल

श्री प्रदीप कुमार अग्रवाल

श्री प्रदीप कुमार अग्रवाल, आयु पैंतालीस (45) वर्ष, 23 मई 2025 से हमारी कंपनी के निदेशक मंडल में भारत सरकार के नामित (अंशकालिक) निदेशक के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), कानपुर से यांत्रिक अभियंत्रण में स्नातक की उपाधि प्राप्त की है। भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), पंजाब कैडर के 2006-बैच के अधिकारी, श्री अग्रवाल के पास सार्वजनिक प्रशासन में 18 से अधिक वर्षों का व्यापक अनुभव है। अपने उल्लेखनीय कार्यकाल के दौरान उन्होंने पंजाब सरकार में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है, जिनमें लुधियाना, रूपनगर और गुरदासपुर के उपायुक्त के रूप में सेवा शामिल है। इसके अतिरिक्त उन्होंने ग्रेटर मोहाली विकास प्राधिकरण के मुख्य प्रशासक, निदेशक जनरल (स्कूल शिक्षा) तथा पंजाब राज्य स्वास्थ्य एजेंसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जैसे पदों पर भी कार्य किया है। वर्तमान में श्री अग्रवाल जल शक्ति मंत्रालय के जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण विभाग में संयुक्त सचिव के पद पर सेवारत हैं तथा राष्ट्रीय नदी संरक्षण निदेशालय में पदस्थ हैं। हमारी कंपनी के निदेशक मंडल में अपनी भूमिका के अतिरिक्त वे हमारी सहायक कंपनी के निदेशक मंडल में भी भारत सरकार के नामित निदेशक के रूप में कार्य कर रहे हैं।

श्री पी. एस. गंगाधर

श्री पी. एस. गंगाधर

श्री पी. एस. गंगाधर, आयु अड़तालीस (48) वर्ष, 06 मार्च 2025 से हमारी कंपनी के निदेशक मंडल में भारत सरकार के नामित (अंशकालिक) निदेशक के रूप में कार्यरत हैं। वे एक कैरियर राजनयिक हैं, जिनके पास कूटनीति और शैक्षणिक क्षेत्र में दो दशकों से अधिक का अनुभव है। अपने राजनयिक जीवन के दौरान, उनकी कुशल वार्ताओं से व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी, विकास सहयोग, रक्षा तथा सुरक्षा से संबंधित अनेक समझौते सम्पन्न हुए। उन्होंने निवेश सुविधा, विनिर्माण, स्वच्छ प्रौद्योगिकी तथा उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्रों में भी अनेक नवीन पहलें आरम्भ कीं। वे भारतीय विदेश सेवा के 2005 बैच के अधिकारी हैं और वर्तमान में विदेश मंत्रालय, नई दिल्ली में संयुक्त सचिव (आर्थिक कूटनीति) के पद पर कार्यरत हैं। इस भूमिका में वे ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी तथा निवेश मध्यस्थता से जुड़ी मंत्रालय की पहलों का नेतृत्व कर रहे हैं। वे विभिन्न निर्यात संवर्धन परिषदों तथा संस्थाओं के निदेशक मंडल में भी मंत्रालय का प्रतिनिधित्व करते हैं। इससे पूर्व वे दक्षिण अफ्रीका के केप टाउन में भारत के महावाणिज्य दूत रहे। वर्ष 2020 से 2023 तक जिनेवा में विश्व व्यापार संगठन में भारत के राजदूत तथा उप-स्थायी प्रतिनिधि रहे। वर्ष 2016 से 2020 तक नई दिल्ली स्थित विदेश मंत्रालय के अमेरिका प्रभाग में निदेशक और अवर सचिव के रूप में कार्य किया। वर्ष 2013 से 2016 तक बर्लिन स्थित भारतीय दूतावास में प्रथम सचिव के रूप में उन्होंने आर्थिक तथा वाणिज्यिक प्रकोष्ठ का नेतृत्व किया। उनकी पहली विदेशी नियुक्ति दमिश्क स्थित भारतीय दूतावास में रही, जहाँ उन्होंने वर्ष 2008 से 2012 तक प्रथम तथा द्वितीय सचिव के रूप में सेवा दी। उनकी प्रमुख उपलब्धियों में “मेक इन इंडिया मिटलस्टैंड” नामक निवेश सुविधा कार्यक्रम की संकल्पना और क्रियान्वयन शामिल है, जिसने दो सौ से अधिक जर्मन लघु तथा मध्यम उद्योगों को भारत में निवेश करने में सहायता की। उन्होंने विदेश मंत्रालय में “नवीन, उभरती और सामरिक प्रौद्योगिकियाँ” प्रभाग की स्थापना में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका प्रकाशन “भारत-जर्मनी सहयोग : उच्च प्रौद्योगिकी विनिर्माण”, जो दोनों देशों के बीच सहयोग का ढाँचा प्रस्तुत करता है, वर्ष 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल द्वारा संयुक्त रूप से जारी किया गया। वे मैसूर विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर (स्वर्ण पदक सहित) हैं। उन्होंने वर्ष 2001 से 2004 तक दिल्ली विश्वविद्यालय तथा वर्ष 2000 से 2001 तक मैसूर विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र का अध्यापन किया।

सीए पंकज जिंदल

सीए पंकज जिंदल

सीए पंकज जिंदल, आयु अट्ठावन वर्ष (58 वर्ष), 15 जुलाई, 2026 से हमारी कंपनी के गैर-आधिकारिक-स्वतंत्र निदेशक हैं। वह चार्टर्ड एकाउंटेंसी, कानून, ऑडिट, आयकर और संबद्ध क्षेत्रों में मजबूत पृष्ठभूमि के साथ एक कुशल वित्त पेशेवर हैं, जिनके पास 1994 से कॉरपोरेट्स के साथ काम करने का लंबा अनुभव है। लुधियाना में स्थित, वह 2009 से एक चार्टर्ड अकाउंटेंट के रूप में सक्रिय रूप से प्रैक्टिस कर रहे हैं। उनकी शैक्षणिक योग्यता में पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ से वाणिज्य में स्नातक और भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान (आईसीएआई) से चार्टर्ड अकाउंटेंट की व्यावसायिक योग्यता शामिल है। श्री पंकज जिंदल के पास लेखा, कराधान, कंपनी कानून, लेखापरीक्षा और वित्तीय प्रबंधन में 30 वर्षों का अनुभव है और उन्होंने पेशेवर उत्कृष्टता और नैतिक मानकों के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता प्रदर्शित की है।

डॉ. कमल गुरुंग

डॉ. कमल गुरुंग

डॉ. कमल गुरुंग, आयु छियासठ (66) वर्ष, 31 जुलाई, 2026 से हमारी कंपनी के गैर-आधिकारिक-स्वतंत्र निदेशक के रूप में कार्यरत हैं। वह एक पेशेवर पशु चिकित्सक, शोधकर्ता, प्रशासक और सामाजिक कार्यकर्ता हैं। उन्होंने बिहार वेटरिनरी कॉलेज, पटना से बी.वी.एससी. एवं ए.एच. की शिक्षा पूर्ण की तथा बाद में हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार से एम.वी.एससी. की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने उप-विभागीय प्रभारी, जिला प्रभारी और विभिन्न तकनीकी और प्रशासनिक अनुभागों के प्रमुख सहित विभिन्न क्षमताओं में पशुपालन, पशुधन, मत्स्य पालन और पशु चिकित्सा सेवाओं, सिक्किम सरकार के विभाग में कार्य किया। अपनी सेवा के दौरान, वह परियोजना की तैयारी, कार्यान्वयन, प्रशासन और अनुसंधान गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल थे। उन्होंने सिक्किम दुग्ध संघ के प्रबंध निदेशक के रूप में प्रतिनियुक्ति पर भी कार्य किया, जहां वे एकीकृत डेयरी विकास परियोजना को लागू करने के लिए जिम्मेदार थे, जिससे सिक्किम में डेयरी क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान मिला। एक शोधकर्ता के रूप में, उन्होंने पश्चिम बंगाल विश्वविद्यालय के कॉलेज ऑफ एनिमल साइंसेज, बेलगाछिया के तकनीकी सहयोग से पशुधन पालन के संबंध में सिक्किम का खनिज मानचित्रण पूरा किया। उन्होंने सिक्किम की देशी भेड़ और बकरी की नस्लों पर भी शोध किया, जो विलुप्त होने के कगार पर थीं, जिससे राज्य के स्वदेशी पशुधन आनुवंशिक संसाधनों के संरक्षण में योगदान मिला। अपनी व्यावसायिक जिम्मेदारियों के अलावा, वह सामाजिक, साहित्यिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संगठनों में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं। उन्होंने जिन महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है उनमें शामिल हैं; महासचिव, सिक्किम पशु चिकित्सा संघ; महासचिव, अखिल सिक्किम गुरुंग (तामु) बौध संघ, जहां उन्होंने गुरुंग समुदाय को अनुसूचित जनजाति श्रेणी में शामिल करने के समर्थन में भारत सरकार को प्रस्तुत करने के लिए उनकी नृवंशविज्ञान रिपोर्ट तैयार की; उपाध्यक्ष (आजीवन सदस्य), नेपाली साहित्य परिषद, गंगटोक; अध्यक्ष, पाचे बौध गुम्पा निर्माण समिति, पाक्योंग; सलाहकार, सिक्किम प्रतिभा प्रतिष्ठान, पाक्योंग; संयुक्त सचिव, सिक्किम सम्मान सम्मेलन, सिक्किम सरकार द्वारा आयोजित एक राष्ट्रीय कार्यक्रम; अध्यक्ष, भारतीय गोरखा परिसंघ, सिक्किम राज्य के अध्यक्ष; तथा संयुक्त कार्रवाई परिषद, सिक्किम राज्य के उपाध्यक्ष के पद शामिल हैं। वह मानव मूल्यों, सामाजिक सद्भाव, शांति और अमन-चैन को बढ़ावा देने के लिए समर्पित कई आध्यात्मिक और धार्मिक संगठनों से भी सक्रिय रूप से जुड़े रहे हैं। अपने पूरे करियर के दौरान, वह पशु चिकित्सा व्यवसाय, पशुधन विकास, अनुसंधान, सामाजिक सेवा, साहित्य और सामुदायिक नेतृत्व के प्रति प्रतिबद्ध रहे हैं। उनके योगदान के सम्मान में समाज के विभिन्न वर्गों द्वारा उन्हें सम्मानित एवं अभिनंदित किया गया है।

हमारे अध्‍यक्ष सह प्रबंध निदेशक, निदेशक (वित्‍त)/पूर्णकालिक निदेशक और सीएफओ तथा निदेशक (वाणिज्‍य एवं मा.सं.वि.)/पूर्णकालिक निदेशक के अतिरिक्‍त हमारी कंपनी के मुख्‍य प्रबंधकीय कार्मिकों का विवरण निम्‍नानुसार है:

श्री प्रवीण कुमार

श्री प्रवीण कुमार

श्री प्रवीण कुमार 20 मई, 2022 से हमारी कंपनी के मुख्य कार्यकारी निदेशक (परियोजना) हैं। वे 23 जुलाई, 1990 से हमारी कंपनी से जुड़े हुए हैं। उन्होंने आईआईटी, दिल्ली से सिविल अभियांत्रिकी में प्रौद्योगिकी स्नातक की उपाधि प्राप्त की है। उन्होंने सिक्किम मणिपाल विश्वविद्यालय से व्यवसाय प्रबंधन में स्नातकोत्तर की डिग्री भी प्राप्‍त की है। उन्हें भौगोलिक सूचना प्रणाली आधारित विश्लेषण, जल आपूर्ति और सीवरेज नेटवर्क डिजाइन, बाढ़ मॉडलिंग, सिंचाई और जल निकासी प्रणाली, तकनीकी सॉफ्टवेयर विकास आदि की जानकारी के साथ हमारी कंपनी में विभिन्न पदों पर कार्य का बत्तीस (32) वर्षों से अधिक का अनुभव है।

श्री शंभू आजाद

श्री शंभू आजाद

श्री शंभू आजाद 30 सितंबर, 2018 से हमारी कंपनी के मुख्य कार्यकारी निदेशक (जल संसाधन विकास) के रूप में कार्यरत हैं। वे 18 जून, 1990 से हमारी कंपनी से जुड़े हुए हैं। उन्होंने आईआईटी, कानपुर से सिविल अभियांत्रिकी में प्रौद्योगिकी स्नातक की डिग्री प्राप्त की है। इसके अलावा, उन्होंने आईआईटी, दिल्ली से जल संसाधन अभियांत्रिकी में प्रौद्योगिकी में स्नातकोत्तर की उपाधि और डॉक्टरेट ऑफ फिलॉसफी की उपाधि भी प्राप्त की है। उन्हें हमारी कंपनी में विभिन्न पदों पर बत्तीस (32) वर्षों से अधिक का अनुभव है, जिसमें मुख्य रूप से जल संसाधन क्षेत्र के विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित परियोजनाओं का अनुभव शामिल है।

डॉ. अमन शर्मा

डॉ. अमन शर्मा

डॉ. अमन शर्मा 20 सितंबर, 2018 से हमारी कंपनी के मुख्य कार्यकारी निदेशक (पर्यावरण निर्माण प्रबंधन एवं प्रशासन) के रूप में कार्यरत हैं। वे 3 सितंबर, 1990 से हमारी कंपनी से जुड़े हुए हैं। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से सिविल अभियांत्रिकी में स्नातक और स्नातकोत्तर दोनों उपाधियाँ प्राप्त की हैं। उन्हें आईआईटी, दिल्ली से डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी की उपाधि प्राप्त है। उन्हें जलविद्युत, सिंचाई, बंदरगाहों, खदान और निर्माण परियोजनाओं, सीवेज उपचार संयंत्रों के डिजाइन, सीवरेज नेटवर्क, अपशिष्ट जल उपचार संयंत्रों, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन आदि के लिए पर्यावरण अध्ययन करने संबंधी हमारी कंपनी में विभिन्न पदों पर कार्य करने का बत्तीस (32) वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्‍त है।

श्री शैलेन्द्र विश्वकर्मा

श्री शैलेन्द्र विश्वकर्मा

शैलेंद्र विश्वकर्मा 20 जून, 2023 से हमारी कंपनी के कंपनी सचिव और अनुपालन अधिकारी हैं। उन्‍होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से वाणिज्य स्नातक की उपाधि प्राप्‍त की है और वे भारतीय कंपनी सचिव संस्थान (आईसीएसआई) के एसोसिएट सदस्य हैं। उन्हें विद्युत क्षेत्र, पूंजी बाजार, ट्रस्टीशिप उद्योग और एनबीएफसी में, विशेष रूप से वैधानिक अनुपालन, समन्वय, कानूनी मामलों और निवेशक शिकायत निवारण के क्षेत्र में 8.5 से अधिक वर्षों से का अनुभव है। हमारी कंपनी से जुड़ने से पूर्व, वे एनटीपीसी लिमिटेड, कैटलिस्ट ट्रस्टीशिप लिमिटेड और क्वालिटी लिमिटेड से भी जुड़े रहे हैं।

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